Present day Of Diwali

सांस्कृतिक विविधताओं वाले भारतवर्ष में अनेक त्यौहार मनाए जाते हैं जो भारत की अनेकता में एकता की विशेषता को दर्शाता है।।                                                             इन त्योहारों में हिंदू धर्म के अंतर्गत मनाया जाने वाला दीपावली पर्व प्रसिद्ध है जिसको त्रेता युग में दशरथ पुत्र रामचंद्र जी के 14 वर्ष वनवास पूर्ण करके वापिस लौटने के उपलक्ष में मनाया जाता है हिंदु धर्म के अनुसार रामचंद्र जी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है जिनको धार्मिक ग्रंथों में त्रिलोकीनाथ भी कहा जाता है।
दीपावली को एक आपसी प्रेम और भाईचारे के पर्व के रूप में मनाया जाता है परंतु आज वर्तमान में इस दिन लोग नशा शराब आदि बुराइयां करते हैं जिसकी वजह से आपसी लड़ाई झगड़े हो जाते हैं और अनेक अशुभ घटनाएं घटित हो जाती है जिसकी वजह से धीरे-धीरे इस पर्व का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है।
                            आज दीपावली पर की जाने वाली आतिशबाजी से भी पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्या पैदा होने लगी है।
आज वर्तमान में इन त्योहारों का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है क्योंकि इन त्यौहारों को मनाने के लिए लोग शराब मांस जुआ आदि बुराइयों का सहारा लेते हैं जिससे मानव समाज का नैतिक पतन हो रहा है। इन सब का मूल कारण है हमें अनमोल मानव जीवन का मूल उद्देश्य पता नहीं है और जब तक हमें अपने पवित्र धार्मिक सद्ग्रन्थों का ज्ञान नहीं होगा तब तक हम अपने इस अनमोल जीवन को ऐसे ही व्यर्थ गवा देंगे।
                आज वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज संपूर्ण विश्व में एक पूर्ण संत है जिन्होंने सभी शास्त्रों के आधार पर बताया है की शास्त्र अनुकूल की गई सतभक्ति से जीव पूर्ण मोक्ष प्राप्त कर सकता है और इस जन्म-मरण के दीर्घ रोग से छुटकारा पा सकता है।
अवश्य देखिए ईश्वर टीवी शाम 8:30 बजे

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