Janmashtami
जन्माष्टमी जब पृथ्वी पर कोई दैवीय शक्ति जन्म लेती हैं तो उसको यादगार बनाने के लिए उस दिन को जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, इसी कड़ी में विष्णु भगवान जिनको त्रिलोकीनाथ के नाम से भी जाना जाता है, अपनी लीला करने के लिए द्वापर युग मे श्रीकृष्ण जी के रूप में जन्म लिया और उस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में जाना जाता हैं। सभी पवित्र शास्त्र बताते हैं कि श्री कृष्ण जी द्वापर युग मे आये और उन्होंने माँ की कोख से जन्म लिया। उनकी माता देवकी और पिता वासुदेव थे जबकि वही दूसरी तरफ पवित्र वेदों में प्रमाण है कि जब पूर्ण परमात्मा अपनी लीला करने आता हैं तो वो सशरीर आते हैं और सशरीर ही जाते हैं और इसका प्रमाण है कि कबीर साहेब जो सशरीर आये थे और सशरीर ही गये, इससे सिद्ध होता है कि कबीर साहेब पूर्ण परमात्मा हैं। श्रीकृष्ण जी जो तीन लोको के भगवान है उन्होंने अपने मित्र सुदामा को एक मुट्ठी चावल के बदले में उनका महल बनवा दिया था जबकि कबीर साहेब ने एक रोटी के बदले में तैमूरलंग को 7 पीढ़...