Environmental Pollution

सम्पूर्ण जीव जगत को जिसने चारों तरफ से घेर रखा हैं वो हैं हमारा पर्यावरण
शाब्दिक अर्थ किया जाए तो सम्पूर्ण बाह्य परिस्थितियों और प्रभाव का जीव जगत पर पड़ने वाला प्रभाव ही पर्यावरण हैं और इस पर्यावरण में आमूल-चूल परिवर्तन से जीव जगत पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को पर्यावरण-प्रदूषण के नाम से जाना जाता है। जिसके अनेक स्वरूप हैं वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण आदि।
प्रकृति ने जीव जगत को अनमोल धरोहर के रूप में एक स्वछ पर्यावरण दिया है जिसका एक निश्चित सीमा में रहकर दोहन किया जाए तो इसका लम्बे समय तक बिना किसी दुष्प्रभाव के लाभ उठा सकते परन्तु अगर इसकी सीमाओं को लाँघकर इसका विदोहन किया गया तो यही जीवनदायक पर्यावरण अनेक दुष्परिणामो को जन्म दे सकता हैं जिसका उदाहरण वर्तमान में देखने को मिल रहा है।
एक तरफ जहाँ सारा विश्व पर्यावरण पर मंडरा रहे संकट से परेशान हैं वही दूसरी तरफ 
सन्त रामपाल जी महाराज द्वारा किये जा रहे सामाजिक पुनरोत्थान के कार्यो से इस पर्यावरण प्रदूषण की समस्या से मुक्ति मिल रही हैं।
आज जहाँ संत रामपाल जी महाराज जी के आद्यात्मिक ज्ञान से एक नई क्रांति आयी हैं वही दूसरी तरफ उनके द्वारा किये जा रहे सामाजिक कार्य जैसे- दहेज मुक्त समाज का निर्माण, रक्तदान, पर्यावरण जन-चेतना कार्यक्रम आदि हैं।
आज संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से प्रभावित होकर लाखों लोग नशा मुक्त होकर सुखी जीवन जी रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखे 
साधना टीवी शाम 7:30 बजे


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